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शोभन योग में अयोध्या में हो रहा शिलान्यास, देशवासियों को शुभता प्रदान करेगा
शोभन योग व अभिजित काल मे अयोध्या में शिलान्यास हो रहा है। रामराज्य का सपना साकार होगा।पांच दशक की सुदीर्घ प्रतीक्षा एवं सन्तों की तपस्या के पश्चात 5 अगस्त को वह शुभ घड़ी उपस्थित हो रही है जब देश व दुनिया सरयू किनारे बसी धार्मिक नगरी अयोध्या को निहारेगी और श्री राम जन्मभूमि पर देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदीजी भव्य राममंदिर की आधारशिला रखेंगे।
आचार्य पण्डित रामचन्द्र शर्मा वैदिक,अध्यक्ष मध्यप्रदेश ज्योतिष व विद्वद परिषद ने बताया कि 5 अगस्त को बुधवार है।अंकज्योतिष की दृष्टि से इसका स्वामी बुध है।संयोग से वर्ष का राजा भी बुध है। पांच का अंक ऊर्जा व उत्साह का प्रतीक है। यह देशवासियों को आत्म निर्भरता प्रदान कर जीवन जीने की कला भी सिखाएगा।
आचार्य शर्मा वैदिक ने बताया कि बुधवार को शोभन योग है जो देशवासियों को शुभता प्रदान करेगा। 5 अगस्त बुधवार को शिलान्यास के समय अभिजित काल रहेगा जिसे सर्वश्रेष्ठ काल की संज्ञा दी गयी है।ऐसी मान्यता है कि इस काल मे किये सभी कार्य सिद्ध होते है।
बुधवार को अभिजीत मुहूर्त मान्य नही है काल (समय)की मान्यता है जो मात्र 30 सेकण्ड का होता है। यदि हम 5 अगस्त बुधवार की लग्न कुंडली पर विचार करें तो तुला लग्न है।जो चर संज्ञक लग्न माना जाता है।यह लग्न पर्यटन की दृष्टि से उत्तम व देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने वाला माना गया है।
इस दिन कुंडली के 10वें भाव मे सूर्य व बुध की युति बुधादित्य नामक विशेष योग बना रही है जो प्रसाशनिक व इन्फ्रास्ट्रक्चर की दृस्टि से महत्वपूर्ण है। कुंडली मे चतुर्थ भाव जो सुख व जनता का भाव है उसमें स्वराशि का शनि विराजमान है। जो पंचमहापुरुष का राजयोग निर्मित कर मुहूर्त को विशेष बना रहा है।
जो पुरातात्विक एवम ऐतिहासिक दृष्टि सेमुहूर्त को बल प्रदान कर समृद्धि शाली भी बना रहा है।जो समृद्धि कारक है। तृतीय भाव मे धनुराशि उदित हो रही है जिसमे स्वराशि का गुरु व केतु विराजमान है।यह भारत को वैष्विक दृष्टि से आध्यात्मिक क्षेत्र में प्रसिद्धि दिला रहा है।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि मुहूर्त शतभिषा नक्षत्र में हो रहा है जौ ऊर्ध्वमुख चर संज्ञक नक्षत्र है जो सभी दृस्टि से कल्याण कारी माना जाता है। निश्चित ही सभी ज्योतिषीय दृष्टि से राममंदिर शिलान्यास का मुहूर्त शुभ,कल्याणकारी एवम देश को सम्रद्धि प्रदान करने वाला है।देश के अनेक पंचांग कारो ने इसे गृहारम्भ भूमि पूजन हेतु शुभ बताया है।


